Virender sehwag biography in hindi (वीरेंद्र सहवाग बायोग्राफी)

Virender sehwag biography in hindi | वीरेंद्र सहवाग बायोग्राफी | वीरेंद्र सहवाग की जीवनी | वीरेंद्र सहवाग का क्रिकेट का सफर कब शुरू हुआ | वीरेंद्र सहवाग का टेस्ट मैच करियर कैसा रहा | वीरेंद्र सहवाग की उपलब्धियां और पुरस्कार

नमस्कार दोस्तों, आज की पोस्ट मैं हम वीरेंद्र सहवाग की जीवनी (Virender sehwag biography in hindi) के बारे में जानेंगे, हमारे भारत देश में आज हर कोई विरेंद्र सहवाग को जानता है, काफी क्रिकेट प्रेमी ऐसे हैं जो वीरेंद्र सहवाग को अपना आइडल मानते हैं, और वीरेंद्र सहवाग के जैसा क्रिकेटर बनना चाहते हैं,

दोस्तों अगर आप वीरेंद्र सहवाग की जीवनी के बारे में जानना चाहते हैं तो हमारी आज की इस पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढ़े,

वीरेंद्र सहवाग की जीवनी (Virender sehwag biography in hindi)

Virender sehwag biography in hindi (वीरेंद्र सहवाग बायोग्राफी)
वीरेंद्र सहवाग की जीवनी

हमारे भारत देश में वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान का सुल्तान और नजफगढ़ के नवाब के नाम से जाना जाता है साथ ही भारतीय क्रिकेट जगत में इनको रन मशीन और वीरू के नाम से जाना जाता है,

वीरेंद्र सहवाग-सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल मानते हैं और यह उनके काफी बड़े फैन भी हैं साथ ही क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग ने सचिन के खेलने के सभी तरीकों को लगभग अपनाया है, हमारी भारतीय क्रिकेट टीम में वीरेंद्र सहवाग को हमेशा ओपनिंग बैट्समैन के रूप में ही उतारा गया था,

दोस्तों आज की पोस्ट में मैं आपके साथ वीरेंद्र सहवाग से रिलेटेड सभी बातें आपके साथ शेयर करने जा रहा हूं अगर आप वीरेंद्र सहवाग को अपना आइडल मानते हैं तो आप इस पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढ़े।

वीरेंद्र सहवाग का जन्म कब और कहां हुआ (Virender sehwag biography in hindi)

वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को भारत के हरियाणा प्रांत में हुआ था, इन की राशि तुला है।

वीरेंद्र सहवाग के परिवार के बारे में जाने

वीरेंद्र सहवाग के पिता का नाम किशन सहवाग है जो कि अनाज का व्यापार करते थे, और इनकी मां का नाम कृष्णा सहवाग है, वीरेंद्र सहवाग के एक भाई और दो बहनें भी हैं, इनके भाई का नाम विनोद सहवाग है और इनकी बहनों का नाम मंजू और अंजू है,

वीरेंद्र सहवाग की धर्मपत्नी का नाम आरती अहलावत है जिनसे उन्होंने 2004 में शादी की थी और बाद में उनके दो बच्चे भी हुए, जिनके नाम आर्यवीर और वेदांत सहवाग है।

वीरेंद्र सहवाग ने किन कंपनियों के लिए एडवर्टाइजमेंट का काम किया है

एडिडास
झंडू बाम
जेके सीमेंट
रसना
रॉयल चैलेंज

वीरेंद्र सहवाग ने इन कंपनियों के अलावा भी काफी कंपनियों के लिए एडवर्टाइजमेंट का काम किया है।

वीरेंद्र सहवाग की शिक्षा कहां पर हुई (Virender sehwag biography in hindi)

वीरेंद्र सहवाग ने अपनी पढ़ाई अरोरा विद्या स्कूल से की है जो कि दिल्ली में स्थित है, इसके बाद इन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई जामिया मिलिया इस्मलिया कालेज न्यू दिल्ली से की है, वीरेंद्र सहवाग ने ग्रेजुएट किया है।

वीरेंद्र सहवाग का क्रिकेट का सफर कब शुरू हुआ

वीरेंद्र सहवाग की बड़ी बहन का कहना है कि जब यह छोटे थे तब इनके पिता ने इन्हें एक प्लास्टिक का बोल और एक बेल्ट लाकर दिया था जिसे यह अपने से दूर कभी नहीं करते थे यह सोते वक्त भी इन्हें अपने साथ ही लेकर सोते थे,

वीरेंद्र सहवाग की बचपन से ही क्रिकेट में काफी रूचि थी जिसके चलते यह अपने स्कूल में भी काफी ज्यादा क्रिकेट खेला करते थे, और जिसके चलते वीरू के टीचर ने इनके पिता से स्कूल में वीरों के ज्यादातर क्रिकेट खेलने की शिकायत की तब इनके पिता ने इनको काफी डांटा और कहा कि इन सब में कुछ नहीं रखा है अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में दो,

वीरेंद्र सहवाग ने अपने पिता की बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और उन्होंने अपना क्रिकेट खेलना जारी रखा और इसके बाद इनके क्रिकेट कोच अमरनाथ शर्मा ने इनको अटैकिंग बेस्ट मैन के रूप में तैयार किया,

वीरेंद्र सहवाग अपनी 12 साल की उम्र से ही काफी ज्यादा क्रिकेट खेलने बाहर जाने लगे जो कि उनके पिता को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया तब उनके पिता ने उन्हें साफ साफ मना कर दिया कि अब से तुम बाहर क्रिकेट खेलने नहीं जाओगे,

पर फिर भी वीरेंद्र सहवाग ने अपने क्रिकेट खेलने की ज़िद को नहीं छोड़ा और इनकी क्रिकेट खेलने की ज़िद इनकी मां को काफी अच्छे से समझ आई जिसकी वजह से वीरों को क्रिकेट खेलने की इजाजत दे दी और उनके पिता को समझाया कि यह एक ना एक दिन क्रिकेट में कुछ ना कुछ हासिल करके रहेगा,

और इसी तरह पता ही नहीं चला कि समय कब बीत गया और सहवाग की क्रिकेट में performance अच्छी होती गई, जवानी के दिनों में वीरू सचिन तेंदुलकर के काफी बड़े फैन थे और वह उनकी तरह बनना चाहते थे,

इसके बाद 1997 में वीरेंद्र सहवाग को दिल्ली क्रिकेट टीम के लिए सिलेक्ट कर लिया गया और यह दिलीप टॉफी में हाईएस्ट रन स्कोर में पांचवें पायदान पर रहे,

इसके बाद वीरेंद्र सहवाग को इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने साउथ अफ्रीका दौरा किया और जिसमें उनका पहला ओडीआई पाकिस्तान के खिलाफ था जिसमें उन्होंने ना तो ज्यादा रन बनाए और ना ही बॉलिंग में कोई अच्छा उनका परफॉर्मेंस रहा, जिसके चलते बाद में उन्हें 20 महीनों तक घर बैठकर फिर से ओडीआई का इंतजार करना पड़ा,

इसके बाद उन्हें फिर से मौका दिया गया जिंबाब्वे के खिलाफ इंटरनेशनल ओडीआई खेलने का जिसमें इन्होंने धुआंधार बैटिंग करके यह साबित कर दिया कि यह किसी से कम नहीं है और उस क्रिकेट मैच में इन्हें मैन ऑफ द मैच का अवार्ड भी दिया गया,

इसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने अपने कई रिकॉर्ड कायम किए और भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी एक खास जगह बना ली,

वीरेंद्र सहवाग का टेस्ट मैच करियर कैसा रहा (Virender sehwag biography in hindi)

#1. वीरेंद्र सहवाग ने साल 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था जिसमें ईन्होंने 105 रन बनाए थे,

#2. साल 2002 में इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ इन्होंने होम सीरीज़ खेली थी और 84 रन बनाये और इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच मे शतक लगाया था,

#3. इसके बाद इन्होंने 2003 होम सीरीज खेली जो कि वेस्टइंडीज के खिलाफ थी, जिसमे इन्होंने 147 रन बना कर एक शतक लगाया था, जिसके लिये इनको टॉप स्कोर बनाने का ख़िताब दिया गया था,

#4. इसके बाद 2003 में मोहाली में न्यूजीलैंड के खिलाफ 130 रन बनाकर अपना शतक पूरा किया था,

#5. दोस्तों इसके बाद 2004 के शुरुआत में मुल्तान और पाकिस्तान के खिलाफ 309 रन बना कर अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे,

#6. इसके बाद इन्होंने 2004 में कानपुर साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मे 164 रन तथा कोलकाता मे 88 रन बना कर इंडियन टीम को दूसरा स्थान दिलवाया, जिसके लिये इनको मेन ऑफ दी सीरीज का पुरुस्कार भी दिया गया,

#7. 2005 में टेस्ट मैच के दौरान इन्होंने महोली में 173 रन बनाए, कोलकाता में 81 रन बनाए, बेंगलुरु में 201 रन बनाए, जिसमें इनका रनों का औसत 535 रन का रहा, जिसके लिए इन्हें मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड दिया गया,

#8. साल 2006 में इन्होंने लाहौर में अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला, जिसमें उन्होंने 254 रन बनाकर 2 शतक पूरे किए, इसके बाद राहुल द्रविड़ के साथ अपनी साझेदारी की और पाकिस्तान के खिलाफ 410 रन बनाकर अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए,

#9. 2007 में अच्छा ना खेलने की वजह से इनको कुछ समय के लिए क्रिकेट से दूर रखा गया इन्हें किसी भी मैच में नहीं लिया गया,

#10. साल 2008 में उन्होंने वापसी की और साउथ अफ्रीका के खिलाफ काफी अच्छा मैच खेला, जो कि चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था जिसमें उन्होंने 319 रन बनाए जिसमें 218 बॉल्स में 300 रन बनाकर टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा तेज ट्रिपल शतक बनाने का इतिहास रचा,

वीरेंद्र सहवाग की उपलब्धियां और पुरस्कार (Virender sehwag biography in hindi)

#1. साल 2002 में वीरेंद्र सहवाग को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था,

#2. साल 2008 मे वेस्डन लीडिंग क्रिकेटर इन दी वर्ल्ड अवार्ड से इन्हें सम्मानित किया गया था,

#3. साल 2010 में इन्हें आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब दिया गया,

#4. साल 2010 मैं इन्हें पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था,

वीरेंद्र सहवाग से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (Virender sehwag biography in hindi)

#1. वीरेंद्र सहवाग अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए स्कूटर से जाया करते थे, जोकि चेतक के नाम से जाना जाता था,

#2. वीरेंद्र सहवाग शुरू से ही सचिन तेंदुलकर के फैन रहे हैं और जब एक प्रेस मीटिंग में इनसे पूछा गया कि आपमें और सचिन में क्या अलग है तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि बैंक बैलेंस,

#3. वीरेंद्र सहवाग ने सबसे कम पारियों में अपने 7000 रन पूरे किए हैं,

#4. साल 2015 में उन्होंने अपने 30 वें जन्मदिन पर क्रिकेट से संन्यास लेने की बात कही थी,

#5. साल 2006 में इन्होंने अपना एक वेजीटेरियन रेस्टोरेंट खोला था जिसका नाम इन्होंने सहवाग फेवरेट रखा था।

#6. वीरेंद्र सहवाग ने अपना एक इंटरनेशनल स्कूल भी बनाया है जिसका नाम सहवाग इंटरनेशनल स्कूल है जो कि हरियाणा प्रांत के गुड़गांव झज्जार में स्थित है,

महत्वपूर्ण जानकारी- दोस्तों इस पोस्ट में वीरेंद्र सहवाग की जीवनी से रिलेटेड जो भी जानकारी आप के साथ साझा की गई है वह सभी इंटरनेट से रिसर्च करके निकाली गई है जो कि 100% सही नहीं है।

नोट- आज की पोस्ट में आपको वीरेंद्र सहवाग की जीवनी के (Virender sehwag biography in hindi) बारे में जानकर कैसा लगा हमें कमेंट में जरूर बताएं, इस पोस्ट में वीरेंद्र सहवाग से रिलेटेड अगर आपको कोई भी गलत जानकारी मिलती है तो आप हमें कमेंट में जरूर बताएं ताकि हम उसमें सुधार कर सकें, साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साझा जरूर करें, धन्यवाद।

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