गरीब की उड़ान | motivational story in hindi for success

नमस्कार दोस्तों, आज कि हमारी यह कहानी (motivational story in hindi) हमारे उन सभी भाइयों के लिए है जो कि पढ़ना चाहते हैं पर पढ़ाई में लगने वाले खर्चे को वह नहीं उठा पाते हैं, दोस्तों अगर आप भी अपनी लाइफ में कुछ करना चाहते हैं तो इस कहानी को लास्ट तक जरूर पढ़े,

गरीब की उड़ान (motivational story in hindi for success)

motivational story in hindi for success

दोस्तों एक छोटे से गांव में सरिता नाम की औरत रहतीं थी, जोकि कुछ घरों में खाना बनाने का काम करती थी और उसी से अपना गुजारा करती थी, दोस्तों सरिता के पति की एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी जिसके बाद से उसे ही अपने घर को चलाने के लिए बाहर काम करना पड़ता था,

सरिता के एक लड़का भी था जिसका नाम रमेश था, रमेश पढ़ाई में काफी होशियार था, इसलिए सरिता अपने बच्चे को एक बड़ा अफसर बनाना चाहती थी और इसके लिए वह घरों मैं जाकर खाना बनाने का काम करती थी ताकि वहां से उसे कुछ पैसा मिल सके और वह अपने बच्चे को आगे तक पढ़ा सके,

दोस्तों सरिता जब काम करने जाती थी तो रमेश को भी अपने साथ ले जाती थी, दोस्तों सरिता लोगों के घर कहीं बर्तन मांजने का काम करती थी तो कहीं पर खाना बनाने का काम करती थी और वही रमेश लोगों के घर पर आए अखबार को पढ़ता रहता था,

एक दिन एक मकान मालकिन ने रमेश को अखबार पढ़ते देखा तो उसे कहा कि तुम अपनी मां का काम में हाथ क्यों नहीं बटाते हो, आखिर इस अखबार को पढ़ने से तुम्हें क्या हासिल हो जाएगा, तो इसके बाद दोस्तों रमेश ने उससे कहा, मालकिन मुझे एक बड़ा अफसर बनना है जिसके लिए मुझे काफी ज्यादा पढ़ाई करनी होगी और पढ़ाई करने के लिए मैं किताबें नहीं खरीद सकता इसलिए ज्यादा ज्ञान पाने के लिए मैं अखबार पढ़ता हूं,

दोस्तों इसके बाद मकान मालकिन जोर-जोर से हंसने लगी और कहने लगी, तुम और बड़े अफसर अच्छे सपने देखते हो,

दोस्तों रमेश की मां को यह बात बहुत बुरी लगी और वह रमेश को लेकर अपने घर वापस चली गई, दोस्तों इसके बाद सरिता ने शादियों में खाना बनाने का काम शुरू कर दिया और इससे उसे कुछ ज्यादा पैसे मिलने लगे थे, जिससे वह रमेश की पढ़ाई की जरूरतों को पूरा करने लगी थी,

दोस्तों धीरे-धीरे समय बीतता गया और रमेश बड़ा हो चुका था साथ ही उसने अपनी स्कूल की पढ़ाई भी पूरी कर ली थी, इसके बाद उसे कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए पैसों की जरूरत आन पड़ी थी, दोस्तों रमेश पढ़ाई में काफी होशियार था इसीलिए उसके स्कूल के 1 गुरुजी ने उसे आगे कॉलेज की पढ़ाई का पूरा खर्चा देने का वादा किया,

दोस्तों इसके बाद रमेश ने एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन लिया और आगे कलेक्टर की पढ़ाई करने लगा, दोस्तों एक दिन उसके एग्जाम का टाइम आया तो वह एग्जाम देने जा रहा था तब रास्ते में उसे एक कार ने टक्कर मार दी जिससे उसके सिर में और हाथ में चोट लग गई और काफी खून भी बहने लगा,

दोस्तों इसके बाद रमेश सोचने लगा कि अगर मैं अस्पताल में पट्टी करवाने गया तो मैं एग्जाम नहीं दे पाऊंगा और मेरा पूरा साल खराब हो जाएगा, ऐसा सोचकर दोस्तों वह अस्पताल ना जाकर उसने परीक्षा देने जाना ही उचित समझा,

दोस्तों परीक्षा देने के बाद रमेश ने अस्पताल जाकर अपनी पट्टी करवाई और फिर वह घर को रवाना हुआ, इसके कुछ दिनों बाद जब रमेश का एग्जाम रिजल्ट आने वाला था तब रमेश की मां ने बाजार से जाकर अखबार खरीदा और रमेश को लाकर दिया और कहा कि इसमें अपना रिजल्ट देख कर बताओ क्या रिजल्ट आया है,

दोस्तों इसके बाद रमेश ने अखबार में अपना रिजल्ट देखा और मां से काफी खुश होकर कहा कि मां मैं कलेक्टर के एग्जाम में पास हो गया हूं और अब मैं कलेक्टर बन चुका हूं, यह सुनकर मां की आंख से आंसू आ गए और वह दोनों रोने लगे,

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है

हमें हमेशा अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी चाहिए कभी मेहनत से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, फिर दुनिया चाहे आप का मजाक उड़ाए या फिर आपके ऊपर हंसे, आपको अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते रहना चाहिए, दोस्तों अगर आप ऐसा करते हो तो आपको एक ना एक दिन कामयाबी जरूर मिलेगी।

नॉट – दोस्तों आपको हमारी कहानी कैसी लगी और इस कहानी (motivational story in hindi for success) को पढ़कर आपको क्या शिक्षा मिली हमें कमेंट में जरूर बताएं, साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साझा जरूर करें, धन्यवाद।

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