भारत में शिक्षित बेरोजगारी के क्या कारण है

नमस्कार दोस्तों, आज की पोस्ट में हम बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षित बेरोजगारी के ऊपर बात करने वाले हैं साथ ही आज के युवा वर्ग की सोच के बारे में भी जानेंगे, अगर आप आज के युवा वर्ग की सोच के बारे में डिटेल्स में जानकारी चाहते हैं तो इस पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढ़े।

भारत में शिक्षित बेरोजगारी के क्या कारण है

भारत में शिक्षित बेरोजगारी के क्या कारण है

दोस्तों हमारे भारत देश में आज का युवा वर्ग हाथ में डिग्री लेकर एक सरकारी नौकरी पाने के लिए भाग रहा है, क्योंकि उसकी सोच मेहनत करने की नहीं बल्कि एक सरकारी नौकरी करके आराम से कुर्सी तोड़ने की है, वह अपनी जिंदगी में कुछ भी नहीं करना चाहता वह सिर्फ चाहता है कि मुझे एक सरकारी नौकरी मिल जाए और मैं आराम से अपनी जिंदगी व्यतीत कर सकूं,

दोस्तों हमारे भारत देश मैं आज का युवा वर्ग मेहनत नहीं करना चाहता, अगर उनसे पूछा जाए कि आप आगे जाकर क्या काम करना चाहोगे तो उनका सिर्फ और सिर्फ एक ही जवाब रहता है कि मैं आगे जाकर कोई अच्छी सरकारी नौकरी ही करना चाहूंगा और यही हमारे देश में सबसे बड़ा बेरोजगारी का कारण है।

आज के पढ़े लिखे डिग्री धारक युवा के हुनर को जाने

दोस्तों अगर आप आज के पढ़े-लिखे किसी भी बेरोजगार युवा को जाकर कहो कि चलो मैं आपको काम दिलाता हूं और उससे पूछो कि आपको क्या काम आता है, आप में क्या हुनर है तो उनके जवाब कुछ इस तरह से होते हैं आइए जानते हैं,

#1. मजदूरी करोगे….?
– नहीं, मैं इतना पढ़ लिखकर मजदूरी नहीं कर सकता हूं,

#2. दुकान पर काम करोगे..?
– नहीं, लोग क्या कहेंगे इतना पढ़कर दुकान पर काम कर रहा है,

#3. बाइक या कार की रिपेयरिंग जानते हो..?
– नहीं, काम तो नहीं आता पर इंजीनियरिंग की है,

#4. बिजली मैकेनिक का काम आता है…?
– नहीं, काम तो नहीं आता पर इलेक्ट्रीशियन पर पढ़ाई तो की है,

#5. पेंटिंग बनाना आता है..?
– नहीं, पेंटिंग सीखना तो चाहता था पर पढ़ाई का लोड इतना था कि कभी सीख ही नहीं पाया,

#6. मिठाई बनाना जानते हो…?
– नहीं, आप एक पढ़े लिखे आदमी को ऐसा काम दिलाओगे,

#7. प्राइवेट कंपनी में काम करोगे?
– नहीं, यहां पैसा कम मिलता है और काम ज्यादा करना पड़ता है साथ ही यहां पर ऊपर की भी कमाई नहीं मिलती है,

#8. मूर्तियां, मटके, हस्तशिल्प वगैरह कुछ बनाना आता है?
– नहीं, इन सब में मेहनत काफी ज्यादा है तो कभी सीखने का सोचा भी नहीं,

#9. अगर पिता की ज़मीन है, तो खेती ही कर लो….?
– हाँ, जमीन तो बहुत है पर खेती का काम मुझसे नहीं होगा,

#10. कोई हाथ का हुनर सीखना चाहोगे…?
– नहीं, हाथ का हुनर सीखने कि मुझे क्या जरूरत है मेरे पास तो डिग्री है,

#11. भाई किसी कला में निपुण हो आपने कभी कुछ सीखा है,
-नहीं, पर मैंने b.a. कर रखा है, m.a. कर रखा है, मैंने वकालत की है, मैंने इंजीनियरिंग कर रखी है, मेरे पास डिग्री है, पर काम तो कुछ भी नहीं आता।

दोस्तों अगर आप इस तरह के और भी सवाल पूछते हो तो उनके जवाब नहीं में ही आपको मिलने वाले हैं।

युवा वर्ग के नौकरी ना मिलने के बाद की सोच

दोस्तों आज के युवा वर्ग को जब नौकरी नहीं मिलती है लाख कोशिश करने के बाद भी तब उनके आगे की सोच क्या होती है आइए यह भी हम जानते हैं,

#1. कोई बात नहीं अगर मुझे नौकरी नहीं मिली तो, मेरे पास डिग्री है और मैं अब शेयर मार्केट में पैसा लगा कर रातो रात करोड़पति बन जाऊंगा,

  • भाई यह बात बिल्कुल सही कही आपने क्योंकि आपका तो शेयर मार्केट में खानदानी पैसों का पेड़ लगा हुआ है बस उसको हिलाना ही तो बाकी है पैसों की बारिश तो अपने आप होगी।

#2. मुझे कहीं से 50 लाख रुपए मिल जाए तो मैं अपना खुद का एक शोरुम डालूंगा जिसमें मैं 10 से 15 वर्कर रखकर उनसे काम करवा लूंगा और हर महीने लाखों रुपए कमा सकता हूं,

  • अब इनसे पूछा जाए की, भाई आप किस चीज का शोरूम खोलने वाले हो, तो इनका जवाब आएगा, शोरूम ही तो खोलना है किसी भी चीज का खोल लेंगे और फिर हमें उसमें कौन सा काम करना है काम करने के लिए तो हम वर्कर रख लेंगे और उनसे हम काफी सारा काम भी करवाएंगे।

#3. मैंने पढ़ाई करके डिग्री तो हासिल कर ली पर अब कहीं से पैसा मिल जाए तो अपना खुद का एक बिजनेस डाल सकता हूं,

  • अब अगर इनसे पूछा जाए कि भाई आपने बिजनेस डालने की सोच तो ली पर आप कौन सा बिजनेस डालने वाले हो तो इनका जवाब आएगा भाई पहले पैसा तो आने दो उसके बाद बिजनेस आइडिया भी अपने आप आ जाएगा।

#4. अब मैं बैंक से लोन लेकर अपनी खुद की एक फैक्ट्री डालूंगा,

  • दोस्तों अब अगर इनसे पूछा जाए कि भाई तुम फैक्ट्री तो डालने को तैयार हो गए पर किस चीज की फैक्ट्री डालनी है तो उनका जवाब होगा अभी सोचा नहीं है, बस एक बार बैंक से लोन पास हो जाए बस फिर उसके बाद सोच लेंगे।

#5. मेरे पास पैसा नहीं है नहीं तो मैं मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ देता,

  • अब इनसे अगर पूछा जाए कि भाई अगर आपके पास पैसा होता तो आप क्या काम करते, तो इनका जवाब आएगा अगर मेरे पास पैसा होता तो मैं बैठकर ही खा लेता मुझे काम करने की कहां जरूरत होगी।

आज का पढ़ा-लिखा युवा वर्ग क्या कर रहा है

दोस्तों पढ़ने के लिए एक उम्र काफी नहीं होती अगर हम पढ़ना चाहे तो पढ़ने को हमें काफी कुछ मिल जाता है जिसे हम अपनी पूरी उम्र में भी नहीं पढ़ सकते हैं,

दोस्तों यही अगर हम 1 डिग्री प्राप्त करने की बात करें तो 1 डिग्री प्राप्त करते करते हमारी उम्र 25 से 30 साल की हो जाती है, इसके बाद अपनी उम्र के 5 से 7 साल तो नौकरी तलाश करने में बिता देते हैं,

दोस्तों इसके बाद जब आपकी उम्र 30 से 35 साल की हो जाती है और आपको नौकरी नहीं मिलती है तो इसके बाद आप 2 से 3 साल किसी काम को ढूंढने में लगा देते हैं और कोई भी काम नहीं मिलता है क्योंकि आपने पढ़ाई के अलावा अपनी जिंदगी में किसी भी काम को नहीं सीखा है, ना ही किसी काम की नॉलेज हासिल की है और अपनी आधी उम्र पढ़ाई में ही लगा दी,

दोस्तों अब अगर आपसे कोई मेहनत करने को कहता है तो आपसे बिल्कुल भी मेहनत नहीं होगी क्योंकि आपने अपनी पूरी लाइफ में कभी मेहनत नहीं की है और इसी वजह से आपको बाहर कहीं काम नहीं मिलता है,

शिक्षित बेरोजगारी की समस्या और समाधान

आज की हमारी युवा पीढ़ी दिखावे की जिंदगी जीने की आदी हो गए हैं यहां सबको कुर्सी वाली नौकरी चाहिए जिसमें किसी को कोई भी काम ना करना पड़े, ऐसा युवा सच में हमारे देश के लिए अभिशाप ही है,

जहां आज का युवा अपनी आजीविका के लिए काम करने से हिचकिचाता है, शर्म आनी चाहिए आज की ऐसी युवा पीढ़ी को, खुद की कमजोरी को बेरोजगारी का नाम देते हुए,

हर साल हमारे देश में लाखों बच्चे डिग्री लेके निकलते है पर सच कहूँ तो सब के हाथ में काग़ज़ का टुकड़ा होता है हुनर के नाम पर निल बटे सन्नाटा होता है, जिसे हम पढ़ा-लिखा गवार भी कहते हैं,

दोस्तों मैं यह नहीं कहता कि हमें पढ़ना नहीं चाहिए, पर पढ़ाई के साथ-साथ हमें कोई भी एक हाथ का हुनर सीखना चाहिए साथी हमें बाहरी ज्ञान की भी जानकारी लेनी चाहिए, ताकि कल को अगर हमें कोई नौकरी ना भी मिले तो हम अपने हाथ के हुनर को यूज करके अपनी लाइफ को आगे बढ़ा सके।

दोस्तों अभी अगर हम सरकारी नौकरी की बात करें तो किसी भी देश की सरकार हमेंर 100% सरकारी रोज़गार नहीं दे सकती, हम में से कुछ ही लोगों को सरकारी नौकरी मिलती है।

मेरे प्यारे देशवासियों, समय रहते भ्रामक दुनिया से निकलने का प्रयत्न करो और अपनी काबिलीयत के अनुसार काम करना शुरू करो, अन्यथा आपका जीवन बहुत मुश्किल भरा हो जाएगा।

जापान, अमेरिका और चाइना जैसे देशों में छोटा सा बच्चा अपने खर्च के लिए कमाने लग जाता है और हमारे भारत देश का 25-30 साल का युवा वर्ग केवल सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहा है और आगे जाकर हाथ कुछ भी नहीं लगता है,

अंततः परिश्रम अपने आप को ही करना पड़ता है, आज की दुनिया में एक परिश्रम करने वाला आदमी ही आगे बढ़ता है,

दोस्तों को आखिर में आपसे सिर्फ यही कहूंगा कि पढ़ाई के साथ-साथ आपको किसी काम की जानकारी भी लेनी चाहिए, और पढ़ाई के साथ-साथ आपको अपने अंदर के हुनर को पहचान कर उस को बढ़ावा देना चाहिए।

महत्वपूर्ण जानकारी- दोस्तों हमारी इस पोस्ट का उद्देश्य हमारे देश के किसी भी युवा को ठेस पहुंचाने का नहीं है हमारी इस पोस्ट का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ आज की युवा शक्ति को जागरूक करने का है, अगर आपको हमारी पोस्ट पढ़कर बुरा लगे तो हम उसके लिए आपसे दिल से माफी मांगते हैं।

नोट- दोस्तों आपको हमारी पोस्ट (भारत में शिक्षित बेरोजगारी के क्या कारण है) कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताएं साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साझा जरूर करें, धन्यवाद।

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